Frequently Asked Questions
Answers to common questions about खेल का मैदान.
01 क्या खेल का मैदान लाइसेंस और रेगुलेटेड है?
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हां, खेल का मैदान एक लाइसेंस प्राप्त प्लेटफॉर्म है जो Curacao eGaming से अधिकृत है। हमारी साइट नियमित ऑडिट और सॉफ्टवेयर टेस्टिंग से गुजरती है ताकि खेलों की निष्पक्षता सुनिश्चित हो। लाइसेंस नंबर और वेरिफिकेशन डिटेल्स हमारी वेबसाइट के फुटर सेक्शन में उपलब्ध हैं।
02 खेल का मैदान पर खाता वेरिफिकेशन (KYC) के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
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KYC के लिए आपको वैध पहचान प्रमाण (Aadhaar/PAN/पासपोर्ट), वर्तमान पते का प्रमाण (बिजली बिल/बैंक स्टेटमेंट), और बैंक खाता विवरण जमा करने होंगे। सभी दस्तावेज़ सबमिट करने के बाद वेरिफिकेशन आमतौर पर 24-48 घंटे में पूरी हो जाती है। बिना KYC के आप जमा कर सकते हैं लेकिन निकासी के लिए अनिवार्य है।
03 खेल का मैदान पर क्रिकेट बेटिंग के लिए कौन से भुगतान विकल्प उपलब्ध हैं?
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खेल का मैदान UPI, Google Pay, PhonePe, IMPS, Net Banking, और major क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स स्वीकार करता है। क्रिप्टोकरेंसी (USDT, BTC) भी समर्थित है। न्यूनतम जमा ₹500 है। निकासी सामान्यतः 30 मिनट से 24 घंटे में प्रोसेस होती है, बैंक ट्रांसफर में 2-3 कार्यदिवस लग सकते हैं।
04 खेल का मैदान का साइन-अप बोनस कब और कैसे withdraw कर सकता हूं?
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साइन-अप बोनस पर 12x वेजरिंग रिक्वायरमेंट लागू होता है जिसे 15 दिनों में पूरा करना है। केवल बोनस राशि पर वेजरिंग लागू होती है, जमा पर नहीं। वेजरिंग पूरी करने से पहले निकासी करने पर बोनस और उससे मिले मुनाफे दोनों जब्त हो सकते हैं। मेच, T20, और ODI मैचों पर बेटिंग वेजरिंग काउंट में शामिल होती है।
05 खेल का मैदान पर सेल्फ-एक्सक्लूजन या बेटिंग लिमिट कैसे सेट करें?
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सेल्फ-एक्सक्लूजन और बेटिंग लिमिट सेट करने के लिए 'जिम्मेदार जुआ' सेक्शन में जाएं या customer support से संपर्क करें। आप डिपोजिट लिमिट, बेट लिमिट, और समय लिमिट सेट कर सकते हैं। सेल्फ-एक्सक्लूजन अवधि 7 दिन से 5 साल तक की हो सकती है और इस दौरान खाता पूरी तरह लॉक रहता है।
06 खेल का मैदान पर मैच से पहले (pre-match) और लाइव बेटिंग में क्या अंतर है?
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Pre-match बेटिंग में मैच शुरू होने से पहले odds तय होते हैं और बदलते नहीं हैं। Live बेटिंग में मैच चलने के दौरान पल-पल odds बदलते हैं और dynamic markets उपलब्ध होते हैं। Live बेटिंग में सावधानी जरूरी है क्योंकि fast-paced भावनाएं जल्दबाजी में बेट लगवा सकती हैं।